किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है?

क्या आप एक किसान है और जानना चाहते है की किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है? तो आप बिल्कुल ठीक जगह पर आए है। इस आर्टिकल में आपको किसान क्रेडिट कार्ड योजना के बारे में अच्छे से बताया जाएगा।

अगर आप एक किसान है तो आप किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में तो जानते ही होंगे। और मैं उम्मीद करता हूँ की एक किसान होने के नाते आपके पास भी किसान क्रेडिट कार्ड होगा। तभी आप इस आर्टिकल पर अग्रिम जानकारी के लिए आए है।

किसान क्रेडिट कार्ड लेते समय प्रत्येक किसान के मन में एक सवाल होता है की यदि मेरी किसी कारणवश मृत्यु हो गई तो मेरे द्वारा लिए गए ऋण का क्या होगा। क्या बैंक मेरे मरने के बाद मेरे बीवी बच्चो को तंग करेगा। या फिर बैंक ऋण माफ़ कर देगी। या सरकार ऋण को चुकाएगी। यह सवाल किसी भी किसान के मन आ सकता है।

इसके अलावा अगर किसान ने सुरक्षित ऋण लिया हुआ है तो उस स्थिति में किसान के भूमि के कागजात बैंक में जमा होते है तब किसान को एक और ख़तरा रहता है की मेरे मरने के बाद कही बैंक मेरी जमीन हडप्प कर मेरे परिवार को घर से बाहर न निकाले दे। किसान के लिए यह एक गंभीर विषय है सोचे का।

भारत सरकार ने किसान की हालत और जरुरत को देखते हुए। किसान क्रेडिट कार्ड निकला है जिससे किसान अपनी खेती से सम्बंधित चीज़ो को खरीद सके। इसमें ब्याज भी बहुत कम देना होता है। इसके साथ इस क्रेडिट कार्ड से किसान अपनी घरेलु जरूरतों को भी पूरा कर सकते है।

यह सब तो बहुत बढ़िया है लेकिन सवाल यह है की किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है? बैंक के पास क्या अधिकार है और सरकार ऐसे में क्या भूमिका निभाती है। इन्ही सब बातो का सवाल आज आपको इस आर्टिकल में मिलने वाला है।

इस आर्टिकल में आपको स्टेप बाय स्टेप बताया जाएगा की किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है? अगर आप भी यह जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक पूरा पढ़े।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?

दोस्तों किसान क्रेडिट कार्ड भारत सरकार की योजना है जिसमें सरकार किसान को 3 लाख रुपए तक का लोन 7 प्रतिशत ब्याज दर पर देती है लेकिन अगर आप छह महीने में ही ऋण चुका देते है तो आपको 3% की छुट मिल जाती है जिससे ब्याज दर 4% ही होती है। दोस्तों इतना सस्ता लोन देश भर में किसी भी अन्य स्कीम में नहीं मिलता है।

https://pmkisan.gov.in/

दोस्तों भारत सरकार का यह उद्देश्य है की हर एक किसान को केसीसी अर्थात किसान क्रेडिट कार्ड मिल जाए। जिससे किसान को खेती करते समय किसी भी असुविधा का सामना करना न पड़े। किसान क्रेडिट कार्ड से किसान आसानी से उन्नत किस्म के बीज, खाद, कोई भी कीटनाशक दवाई ले सकता है।

इसे फसल ऋण या किसान ऋण के नाम से भी जाना जाता है। दोस्तों किसान क्रेडिट कार्ड में बैंक जो पैसा देता है वह आपकी फसल की लागत पर देता है बैंक को आपकी जमीन से कोई मतलब नहीं है। बैंक सिर्फ यह देखता है की आप अपनी जमीन पर किस फसल की खेती कर रहे है और इसी फसल की लागत बैंक ऋण के रूप में मुहैया कराता है।

किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है?

जब आप किसान क्रेडिट कार्ड बनवाते है तो किसान क्रेडिट कार्ड के साथ आपका Pais नाम का दुर्घटना बीमा होता है। यह बीमा सरकार की तरफ से होता है यह वैकल्पिक नहीं होता है। इस बीमा के तहत किसान के बैंक अकाउंट से  सालाना 5 रुपए कटते है। इसके साथ सरकार अपनी तरफ से 10 रुपए भी देती है तो इससे बीमा राशि होती है 5 +10 = 15 रुपए।

इस बीमा के तहत यदि किसान क्रेडिट कार्ड धारक की किसी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो बैंक की तरफ से उनके खाते के नॉमिनी को 50,000 रुपए तक की धनराशि मिल जाती है।

इसके साथ अगर किसान ने प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत अपना नामांकन कराया हुआ है तो इसके तहत भी किसान के परिवार को 2 लाख रुपए तक की धनराशि मिल जाती है। इस स्थिति में मृत किसान के परिवार को 2,50,000 लाख रुपए तक की धनराशि मिल जाती है।

अब बात करते है की किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है? अगर किसान क्रेडिट कार्ड धारक की किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है और किसान ऋण, बीमा से मिलने वाले पैसे से कम हुआ तो ऐसे में आप बीमा राशि में से किसान ऋण को चुका सकते है और ऋण मुक्त हो सकते है।

अगर किसान की आयु 65 वर्ष से ऊपर है तो ऐसे में किसान का केसीसी के तहत जीवन बीमा नहीं होता है। इसके साथ अगर किसान ने प्रधान मंत्री सुरक्षा योजना में भी नामांकन नहीं है तो ऐसे में किसान के परिवार को कुछ भी नहीं मिलता है। इस स्थिति में किसान के परिवार को बैंक की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई भी सहायता नहीं मिलती है।

इस स्थिति में किसान की मृत्यु के बाद उस परिवार के वारिस को बैंक का ऋण चुकाना होगा। बैंक मृत किसान का ऋण माफ़ नहीं करता है। अगर किसान का खाता npa हो जाता है तो ऐसे में परिवार वाले बैंक के साथ समझौता कर सकते है जिसमें बैंक ऋण का 50 से 70 प्रतिशत तक पैसे मांग सकता है। यह बैंक पर निर्भर कर है। इसके बाद आपको उस ऋण को चुकाना होगा। इसके बाद आपका किसान क्रेडिट कार्ड बंद हो जाएगा। और आप ऋण मुक्त हो जाओगे।

जरुरी सूचना: किसान क्रेडिट कार्ड पर सरकार द्वारा कुछ भी नए दिशा निर्देश कभी भी आ सकते है।

FAQs

किसान क्रेडिट कार्ड योजना कब शुरू हुई थी?

किसान क्रेडिट कार्ड की योजना सन 1998 में शुरू हुई थी।

किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा कितनी है?

किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख तक का ऋण लिया जा सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर क्या है?

किसान क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर 7% है लेकिन अगर आप 6 महीने या 1 साल में (समय आपकी फसल पर निर्भर करता है) ऋण चुके देते है तो आपको 3% की छूट मिल जाती है जिससे आपको केवल 4% तक ही ब्याज देना होगा।

किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के लिए सबसे अच्छा बैंक कौन सा है?

किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के लिए एसबीआई सबसे बढ़िया बैंक है क्योंकि यहाँ पर आपको न्यूनतम 2% तक ब्याज दर देनी होती है।

क्या किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल घरेलु खर्चो के लिए किया जा सकता है?

जी हाँ, किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किसान अपने घेरलू खर्चो के लिए कर सकते है लेकिन इसकी बैंक द्वारा एक सीमा होती है।

मुझे उम्मीद है की अब आप समझ गए होंगे की किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है? और इससे सम्बंधित जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। अगर यह जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तो इसे अपने किसान भाइयो के साथ शेयर करे। इसके अलावा अगर आपका कोई भी सवाल हो तो आप हमे निचे कमेंट करके पूछ सकते है।

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Authored By Prabhat Sharma
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